क्रिसमस पर लोग क्यों मनाते हैं तुलसी पूजन दिवस? जानें क्या है इसका बड़ा कारण

 एक तरफ 25 दिसंबर को दुनियाभर में क्रिसमस डे मनाने की तैयारी चल रही है, वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तुलसी पूजन दिवस मनाने पर जोर दिया जा रहा है. दरअसल, सनातन धर्म में तुलसी की पूजा करना बहुत ही शुभ माना गया है. कई लोग अपने दिन की शुरुआत तुलसी के पौधे को जल चढ़ाकर और प्रार्थना करके करते हैं. इस साल तुलसी पूजन दिवस 25 दिसंबर को मनाया जाएगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मान्यता है कि तुलसी में देवी लक्ष्मी का वास होता है और उनकी पूजा से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.

राजधानी रायपुर स्थित संत श्री आसाराम बापू आश्रम द्वारा तेलीबांधा तालाब के पास लोगों को तुलसी पूजा के बारे में प्रेरित करते हुए तुलसी का पौधा बांटा जा रहा है. इनका मानना है कि 25 दिसंबर से 1 जनवरी के दौरान शराब आदि नशीले पदार्थों का सेवन, आत्महत्या जैसी घटनाएं, युवाधन की तबाही एवं अवांछनीय कृत्य खूब होते हैं. इसलिए विश्वमानव के कल्याण के लिए 25 दिसंबर से 1 जनवरी तक तुलसी-पूजन, जप-माला पूजन, गौ-पूजन, हवन, गौ-गीता-गंगा जागृति यात्रा, सत्संग आदि कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है.

तुलसी पूजन दिवस मनाने की अपील
रामा भाई ने बताया कि तुलसी की महिमा को लोग जानें, इसके लिए उनके द्वारा तुलसी पौधे का वितरण किया जा रहा है. साथ ही तुलसी पत्र की उपयोगिता को भी समझें. भारतीय संस्कृति में तुलसी को माता का दर्जा दिया गया है. तुलसी माता की भारी महिमा है. नित्य एक तुलसी पत्ते के सेवन से बीपी, ब्लड शुगर ऐसे अनेक प्रकार के अनगिनत बीमारियों से मुक्ति मिलती है. 25 दिसंबर को क्रिसमस डे न मनाकर तुलसी पूजन दिवस मनाना चाहिए. घर में तुलसी माता को गमले में लगाकर जल चढ़ाएं. आश्रम के द्वारा हजारों लोगों को तुलसी पौधे बांटने का अभियान चलाया जा रहा है. कल 25 दिसंबर को भी तुलसी पौधे बांटने का कार्य किया जाएगा. सोमवती अमावस्या के दिन यदि निर्धन व्यक्ति 108 प्रतिक्षणा करने से आर्थिक परेशानी टल जाता है

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