“रामलला की प्राण प्रतिष्ठा दिन 4 : रामभद्राचार्य के साथ नई प्रतिमा के दर्शन”

रामलला

शुक्रवार 19 जनवरी को अयोध्या में 16 जनवरी से शुरू हुए प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का चौथा दिन है। 22 जनवरी को रामलला की प्रतिष्ठा होगी। गुरुवार को रामलला की मूर्ति गर्भगृह में बनाए गए आसन पर रखी गई। कलाकारों ने चित्र को आसन पर खड़ा कर दिया। इस प्रक्रिया में चार घंटे लगे। बताया गया है कि मूर्ति को अब गंधित जल में रखा जाएगा। फिर घी, अनाज और फल में भी रखा जाएगा।

आज श्रीरामलला औषधाधिवास, केसराधिवास और घृताधिवास करेंगे। फिर आरणी मंथन से कुंडों में अग्नि दिखाई देगी। आचार्य अरुण दीक्षित ने कहा कि आरणी मंथन अग्नि देव को प्रकट करेगा। 20 जनवरी को श्रीरामलला वास्तु शांति के बाद सिंहासन

51 इंच (4.25 फीट) की खड़ी प्रतिमा रामलला है। यह कमल आसन पर है। धनुष-बाण उसके हाथ में है। Assan मकराना संगमरमर से बना है। 4 फीट ऊंचा सिंहासन इस पर रखा जाएगा। रामलला इस पर बैठेंगे।

पूरे सिंहासन को सोने से ढक देंगे। मंदिर का शिखर भी सो जाएगा, लेकिन बाद में। भक्त गर्भगृह में प्रवेश करते समय आसन, सिंहासन और रामलला की प्रतिमा की ऊंचाई लगभग 11 फीट होगी। सिंहासन और प्रतिमा 8.25 फीट ऊंचे हैं। साथ ही आसन 3 फीट का है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे। वह रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियों का निरीक्षण करेगा। योगी लगभग पांच घंटे तक अयोध्या में रहेंगे। योगी हनुमानगढ़ी में पूजन करने के बाद रामलला से आशीर्वाद लेंगे।

योगी भी रामलला की आरती में भाग लेंगे।

वे टेंट सिटी को नगर निगम की हनुमान गुफा से देखेंगे। साथ ही, साकेत पेट्रोल पंप पर नगर निगम ने टेंट सिटी का निरीक्षण कार्यक्रम बनाया है। योगी पर्यटन विभाग भी ट्रेन सिटी का निरीक्षण करेगा। साथ ही सरयू में एक सोलर बोट का उद्घाटन करेंगे। योगी सरयू अतिथि ग्रह और रामकथा संग्रहालय भी जाएंगे। भी संतो से मुलाकात

आप मिलेंगे। PM मोदी के दौरे और सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक होगी। वे लगभग चार बजे अयोध्या से रवाना हो जाएंगे। आज सुबह, रामलला के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में अरणी मंथन हुआ। गणपति पूजन फिर हुआ। भगवान रामलला को औषधियों में निवास कराया गया और सभी द्वारपालों का पूजन किया गया।
गाय का शुद्ध देसी घी और केसर इसके बाद होगा। अरणी मंथन में दिखाई देने वाली अग्नि की कुंड में इसे बनाया जा रहा है। तब भगवान शंकर की पीठ, ग्रहों और अयोध्या के प्रधान देवता की स्थापना होगी। श्री राम यंत्र के देवता, योगिनी, मंडल क्षेत्रपाल और अधिकारी का पूजन किया जाता है।

शुक्रवार शाम 7 बजे से अस्थाई राम मंदिर में प्रवेश नहीं होगा। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की तैयारी इस निर्णय का कारण है। 23 जनवरी सुबह से भक्त भव्य राम मंदिर में रामलला का दर्शन कर सकेंगे।

गर्भगृह में एक अतिरिक्त प्रतिमा से कोई समस्या नहीं है— रामभद्राचार्य जगद्गुरु ने कहा कि अगर रामलला की पुरानी प्रतिमा गर्भगृह में नहीं रहती तो गलत था, लेकिन यह भी होगा। नई प्रतिमा लगाई गई है ताकि लोग उसे देख सकें। एक औैर प्रतिमा के साथ कोई समस्या नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी हर कार्रवाई में नियमों का पालन कर रहे हैं। मैं भगवान राम के अयोध्या पहुंचने की अनुभूति महसूस कर रहा हूँ। 18 जनवरी को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा था कि गर्भगृह में चबूतरे (आसन) पर रामलला की पुरानी प्रतिमा को ही प्रतिष्ठित करना चाहिए।

रामलला

यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा- भगवान श्रीरामलला अपने भव्य मंदिर में जल्द पधारने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को इसका लोकार्पण करेंगे। पूरी दुनिया में हर्षोल्लास का वातावरण है। हम पीएम मोदी का इंतजार कर रहे हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर, मेडिकल, यातायात को लेकर सारी तैयारियां पूरी हैं।

अयोध्या में दर्शन के लिए इस हजारों लोग पहुंच रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद ने यहां स्टॉल लगाया है, जिसमें श्रद्धालुओं को फ्री में चाय-बिस्किट बांटे जा रहे हैं।

प्राण प्रतिष्ठा में 54 देशों के प्रतिनिधि भी आएंगे

रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा में देश की नामचीन हस्तियों के साथ 54 देशों के 100 प्रतिनिधि भी खास मेहमान होंगे। रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अमेरिका, ब्रिटेन, आस्ट्रेलिया, मॉरीशस समेत कई यूरोपीय, अफ्रीकी और बौद्ध देशों के अतिथियों को आमंत्रित किया है। रामलला अपने तीनों भाइयों लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के साथ अस्थाई मंदिर में विराजित हैं। आज उन्हें क्रीम कलर के वस्त्र पहनाए गए। दिन के हिसाब से भगवान का शृंगार होता है। सोमवार को सफेद, मंगलवार को लाल, बुधवार को हरे, बृहस्पतिवार को पीले, शुक्रवार को क्रीम, शनिवार को नीले और रविवार को पिंक वस्त्र पहनाए जाते हैं।

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