पिछले पांच साल में एमपी में बढ़े 22 फीसदी बेरोजगार, सरकार ने बताई यह वजह

भोपाल। मध्यप्रदेश में रोजगार के तमाम दावे किए जाते हों, लेकिन प्रदेश में पिछले 5 सालों में बेरोजगारों की संख्या 22.25 फीसदी बढ़ गई है। सरकार ने इसकी जानकारी विधानसभा में दी प्रदेश में रोजगार पोर्टल पर 32 लाख 31 हजार 562 शिक्षित और 47 हजार 157 अशिक्षित पंजीकृत बेरोजगार दर्ज हैं।2019 में रोजगार पोर्टल पर पंजीकृत शिक्षित बेरोजगारों की संख्या 26 लाख 15 हजार 314 और अशिक्षित 66 हजार 554 बेरोजगार पंजीकृत थे।

कांग्रेस विधायक ने मांगी जानकारी
सरकार ने विधानसभा में यह जानकारी कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत के सवाल के जवाब में दी है। कांग्रेस विधायक ने सवाल पूछा था कि मार्च 2019 में प्रदेश के रोजगार कार्यालयों में कितने शिक्षित और अशिक्षित बेरोजगार पंजीकृत थे और जनवरी 2024 की स्थिति में प्रदेश में कुल कितने शिक्षित और अशिक्षित बेरोजगार पंजीकृत हैं। कांग्रेस विधायक के सवाल के जवाब में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री ने अपने जवाब में रोजगार कार्यालय के पोर्टल पर बेरोजगारों के पंजीयन की संख्या बढ़ने की वजह भी बताई है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में पिछले समय में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के विज्ञापन जारी किए गए, जिसमें रोजगार पंजीयन कार्यालय में रजिस्ट्रेशन की शर्त भी थी इस वजह से युवाओं ने पोर्टल पर अपना पंजीयन कराया और इससे आवेदकों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है।

3.17 लाख को मिला रोजगार
तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री ने बताया कि पिछले पांच सालों में प्रदेश के निजी क्षेत्र में 3 लाख 17 हजार 261 युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए इसमें साल 2023 में 43 हजार लोगों को रोजगार मिला, जिसमें 36 हजार 388 पुरूष और 6 हजार 661 युवतियों को रोजगार मिला सरकार ने बताया कि प्रदेश में बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता के संबंध में विभाग की कोई योजना नहीं है।

2019-20 में 4219 युवक-युवतियों को रोजगार मिला।

2020-21 में 80 हजार 717 को रोजगार मिला।

2021-22 में 1 लाख 21 हजार 178 को रोजगार मिला।

2022-23 में 68 हजार 98 को रोजगार मिला।

2023-24 में 43 हजार 49 युवक-युवतियों को रोजगार मिला।

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