प्रबुद्धजनों तक अपनी बात पहुंचाने में सफल रहे अमित शाह कृष्णमोहन झा

विश्व की सबसे बड़े राजनीतिक दल भाजपा के चाणक्य और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गत दिवस ‘अमृत काल में राष्ट्रोदय’ विषय पर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन में जो विचार व्यक्त किए उन पर गंभीरता से चिंतन मनन करने की आवश्यकता है। अमित शाह चूंकि आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा की शानदार विजय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रबुद्ध जनों को संबोधित कर रहे थे इसलिए उनका भाषण पूरी तरह अकाट्य तर्कों और प्रमाणों पर आधारित था। केंद्रीय गृहमंत्री ने अपने भाषण में जब मोदी सरकार की विगत दस वर्षों की महत्वपूर्ण उपलब्धियों का जो लेखा-जोखा प्रस्तुत किया उसमें अतिशयोक्ति अथवा आत्ममुग्धता के आरोपों की कोई गुंजाइश नहीं थी।

भाजपा के चाणक्य ने विरोधी दलों पर जो तीखे प्रहार किए उन्हें वास्तविकता के धरातल पर नकारना मुश्किल है। अमित शाह ने विरोधी दलों के प्रमुख नेताओं की जो आलोचना की वह केवल चुनावी आलोचना नहीं थी। पूरी तरह तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित इस आलोचना में प्रबुद्ध जनों को सहमत करने का सामर्थ्य भी था। अमित शाह के भाषण के दौरान कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में उपस्थित प्रबुद्धजनों की एकाग्रता और मंत्र-मुग्धता भी यही साबित कर रही थी कि वे गृहमंत्री की बातों से सहमत हैं।यही अमित शाह की वक्तृत्व कला की विशेषता है। संसद के अंदर और संसद के बाहर भी किसी मंच से महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलते समय वे विपक्ष की सतही आलोचना से हमेशा परहेज़ करते हैं । इसीलिए संसद में विपक्ष को निरुत्तर करने में हमेशा उन्हें सफलता मिलती है। यही बात अमित शाह को अमित शाह बनाती है। इसीलिए अमित शाह ने सफल राजनेता एवं सफल गृहमंत्री रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि वे अपनी बात प्रबुद्धजनों के समक्ष इसलिए कह रहे हैं क्योंकि प्रबुद्ध जन सिर्फ मत नहीं देते बल्कि जनमत का निर्माण भी करते हैं और लोकतंत्र में अगर मत निर्माण की प्रक्रिया न हो तो लोकतंत्र की आत्मा ही नहीं रहती। अमित शाह ने प्रबुद्धजनों से अनुरोध किया कि ‘आप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी का समर्थन कीजिए और 400 पार का नारा सार्थक कर दीजिए । हम वादा करते हैं कि भारत माता को विश्व गुरु के आसन पर प्रतिष्ठित करेंगे और भारत को दुनिया का नंबर 1 देश बनाएंगे। भारतीय जनता पार्टी इसी के लिए बनी है और हमारा जीवन इसी लक्ष्य के लिए समर्पित है।’ अमित शाह ने प्रबुद्धजन सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भाजपा ने चुनाव को अपने सिद्धांतों और विचारधारा को जनता तक पहुंचाने का माध्यम माना है । चुनाव भाजपा के लिए अपनी उपलब्धियों और कामकाज का लेखा जोखा जनता तक पहुंचाने का जरिया है इसी उद्देश्य से पार्टी का कोई न कोई नेता हर क्षेत्र में जाकर संपर्क कर रहा है। इसी कड़ी में भोपाल के प्रबुद्ध जनों से संवाद हो रहा है।

केंद्रीय गृहमंत्री ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया कि हमारे देश में आजादी के बाद जो चुनाव हुए वे जातिवाद, परिवारवाद, तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार से प्रभावित रहे। हमारा लोकतंत्र इन चार नासूरों में पलता रहा परंतु जब प्रधानमंत्री पद की बागडोर नरेन्द्र मोदी के हाथों में आई तो उन्होंने इन चारों नासूरों को समाप्त कर पालिटिक्स आफ परफार्मेंस की शुरुआत की । आज देश सच्चे लोकतंत्र की दिशा में अग्रसर है अमित शाह अपनी इस बात पर विशेष जोर दिया कि परिवारवाद को बढ़ावा देने से विश्व में भारत का सम्मान नहीं बढ़ सकता। विश्व में भारत को सम्मान केवल वही व्यक्ति दिला सकता है जिसके जीवन का क्षण क्षण और शरीर का कण कण मां भारती के लिए समर्पित हो।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश को तेज गति से विकास के रास्ते पर ले जाते हुए हुए देशवासियों के मन में यह आत्मविश्वास पैदा किया है कि भारत के पास विश्व में सर्वप्रथम स्थान अर्जित का सामर्थ्य है। केंद्रीय गृहमंत्री ने मोदी सरकार की नीतियों को सर्वसमावेशी और सर्वस्पर्शी बताते हुए कहा कि मानवीय संवेदना से ओत-प्रोत हमारी नीतियों में अभेध्य सुरक्षा वाले महान भारत के निर्माण का संकल्प है। अमित शाह ने अपने भाषण में तीन तलाक़ की कुप्रथा की समाप्ति, संविधान के अनुच्छेद 370 का निष्प्रभावीकरण , नागरिकता संशोधन कानून,वन रैंक वन पेंशन , कोरोना काल में वैक्सीन के निर्माण और 100 से अधिक देशों को उसके निर्यात , किसानों के लिए अनेक फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्यों में बढ़ोतरी आदि कदमों को मोदी सरकार की उल्लेखनीय उपलब्धियां बताते हुए भाजपा को तीसरा जनादेश देने की अपील की। राजधानी में आयोजित इस प्रबुद्धजन सम्मेलन को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बी डी शर्मा ने भी संबोधित किया। लोकसभा चुनावों की घोषणा के पूर्व आयोजित यह सम्मेलन अपनी उपयोगिता सिद्ध करने में पूरी तरह सफल रहा।

(लेखक सहारा मीडिया समूह के स्टेट हेड एवं राजनैतिक विश्लेषक है)

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