इंडेक्स इंस्टीट्यूट आफ डेंटल साइंसेज में मप्र की पहली जापान की वेटेक सीबीसीटी मशीन स्थापित

जबड़े, दांत व चेहरे की हड्डी के अंदरूनी हिस्से की समस्याओं का पता लगाना होगा आसान

इंदौर में दांतों के मरीजों वेटेक सीबीसीटी मशीन से दर्द के साथ एक्सरे के विकिरण का खतरा भी कम

निजी लैब से कम कीमत में होगी सीबीसीटी से दांतों की जांच से मिलेगा मरीजों को फायदा

इंदौर। मध्य प्रदेश में जापान की कंपनी वेटेक की पहली सीबीसीटी मशीन इंडेक्स इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (आईआईडीएस) में स्थापित की गई। इस इस मशीन से मरीज के जबड़े दांत चेहरे की हड्डी और नाक के अंदरूनी हिस्से की समस्याओं का पता लगाना अब आसान होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ इंदौर के मरीजों को भी सीबीसीटी स्कैन के लिए कुछ चुनिंदा सेंटर में जांच की कीमत ज्यादा होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मरीजों और डॉक्टरों को भी हाइटेक सीबीसीटी इस मशीन से सटीक जानकारी मिलने पर दांत प्रत्यारोपण भी आसान होगा।मरीज के जबड़े, दांत, चेहरे की हड्डी और नाक के अंदरूनी हिस्से की समस्याओं का पता लगाना अब आसान होगा। मध्यप्रदेश की वेटेक कंपनी की पहली 3-डी (थ्री-डायमेंशन) मशीन सीबीसीटी (कोन बीम कंप्यूटेड टोमोग्राफी) स्थापित की गई है। जापान की वेटेक कंपनी की यह मशीन जबड़ों की थ्री-डी स्कैनिंग करता है। यह सिर्फ 30 सेकेंड में 150 से 200 कोण में तस्वीरें देता है। सटीक रिपोर्ट मिलने से दांत प्रत्यारोपण में भी सहूलियत होगी।

आईआईडीएस में परीक्षण के बाद मशीन से हो रहे टेस्ट

इंडेक्स समूह के चेयरमैन सुरेशसिंह भदौरिया ने कहा कि इंदौर और ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के लिए इंडेक्स समूह नवीनतम तकनीकों की मशीनों पर फोकस करता है। अब जापान से मध्य प्रदेश की पहली वेटेक सीबीसीटी मशीन इंडेक्स इंस्टीट्यूट आफ डेंटल साइंसेज में स्थापित की गई। आईआईडीएस में इस सीबीसीटी मशीन से टेस्ट भी शुरू हो गए है। इंदौर और ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को अभी तक इस जांच के लिए मरीज को निजी पैथोलॉजी पर निर्भर रहना पड़ता था और 4000 से 4500 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे। रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते थे। कोन बीम कम्प्यूटेड टोमोग्राफी मशीन एक तरह की एक्सरे इमेजिंग तकनीक है, जो कि दांतों, हड्डियों और चेहरे की नसों और जबड़े की थ्री डी तस्वीरें निकालता है। आईआईडीएस में चलने वाली ओपीडी में बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग समस्या के साथ आते हैं।

90 प्रतिशत कम विकिरण का जोखिम
इंडेक्स इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज की असिस्टेंट डीन और ओरल रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ.दीप्ति सिंह हाड़ा ने कहा कि आईआईडीएस में वेटेक सीबीसीटी मशीन से दांतों, हड्डियों और जबड़े की थ्रीडी स्कैनिंग होती है। इससे जबड़ा, दांत के साथ ही नाक और कान के पास का पूरा हिस्सा और चेहरों की अन्य नसों की सही जानकारी मिल जाती है। मशीन से जांच में पांच से दस मिनट का समय लगता है। इसकी रिपोर्ट तुरंत संबंधित मरीज को मिल जाएगी।जबड़े के अंदर की हर छोटी से बड़ी नसों में सूजन की जानकारी मिलने से इलाज में आसानी होगी। दांतों की बीमारी को डायग्नोज करने के लिए डेंटल सीबीसीटी एक्स-रे का एक विशेष प्रकार है जो पारंपरिक दंत या चेहरे के एक्स-रे की तुलना में अधिक जानकारी प्रदान करता है।सीटी स्कैन की तुलना में इस मशीन से 90 प्रतिशत कम विकिरण का जोखिम होगा और तेज शोर से भी मुक्ति मिलेगी।

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